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मंगलवार, मई 18, 2010

मैं हूँ 'ज़लज़ला', EJAZ AHMAD IDREESI

हद है आप लोगों यह भी न जान पाए कि ये ज़लज़ला कौन है. आपमें तनिक भी बुद्धि नहीं है लगता है आप सबकी बुद्धि भ्रष्ट हो चुकी है जो इतनी बात समझ न सके. अरे ये भी कौनो सवाल हुआ कि कौन है ज़लज़ला? कहाँ है ज़लज़ला? किधर से आया है ये ज़लज़ला? किधर को जाएगा ये ज़लज़ला? किस ब्लॉगर की उपज है ये ज़लज़ला?
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सच बताऊँ तो हमरा के खुद ही नहीं मालूम है कि कौन है ये ज़लज़ला?
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टाईटिल में मज़ाक किया, उसके लिए सॉरी.

3 पाठकों ने अपनी राय व्यक्त की:

अजय कुमार झा ने कहा…

रुकिए रुकिए ....रुकिए जरा ..मजाक कर रहे थे न ....अब आ रहा जलजला बदला लेने ......हू हा हा हा...करते हुए पार्ट वन ..पार्ट टू में बदला लेता है वो इंस्टालमेंट में .....

अमां अब छोड भी दीजीए जलजले को हमने भी कल ही एक पोस्ट लिख मारी भाई जलजले पर ..जो भी है कोई दिलजला नहीं है ...........बस समय थोडा गलत चुन लिया ....इस जलजले ने आने का ..जब पहले ही घणा तूफ़ान मचा हुआ था ,,,,,,,,,,,सो बंटाधार हो गया उसका

sahespuriya ने कहा…

waise aap bhi ho sakte hai......sach main

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ ने कहा…

भइया मजाक भी एक लिमिट होती है, उसका पालन सही रहता है।
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